हादसे की दर्दनाक दास्तां हिमाचल के शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर मंगलवार की सुबह एक मातम लेकर आई। सेऊ कस्बे के समीप सुबह करीब 6 बजे, 42 वर्षीय कर्म चंद अपने खेतों से काम निपटाकर बैलों के साथ घर वापस लौट रहे थे। वह सावधानी से हाईवे पार कर रहे थे, तभी दधोल की ओर से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कर्म चंद सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए।
अस्पताल में संघर्ष और अंतिम सांस हादसे के बाद कार चालक ने तत्परता दिखाते हुए घायल कर्म चंद को घुमारवीं अस्पताल पहुँचाया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत एम्स (AIIMS) बिलासपुर रेफर कर दिया। अस्पताल के बिस्तर पर जीवन और मृत्यु के बीच जूझते हुए, आखिरकार कर्म चंद ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गमगीन माहौल और कानूनी कार्रवाई मृतक कर्म चंद पेशे से किसान थे और कड़ी मेहनत से अपने परिवार की गुजर-बसर कर रहे थे। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे नसवाल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। डीएसपी विशाल वर्मा के अनुसार, कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस हादसे की बारीकी से जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
By Dhruv Sharma
