हिमाचल प्रदेश सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये की लागत से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प की योजना बनाई है, जिसके पहले चरण के लिए 1,617 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह पांच वर्षीय परियोजना 1 अप्रैल, 2026 से 2031 तक चलेगी, जिसका मुख्य लक्ष्य मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आधुनिक मशीनों, AI-आधारित उपकरणों और बेहतर बुनियादी ढांचे को स्थापित करना है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस पहल के तहत रोबोटिक सर्जरी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और टेलीमेडिसिन जैसी उन्नत सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस निवेश का एक बड़ा उद्देश्य आर्थिक बचत भी है, क्योंकि वर्तमान में लगभग 9.5 लाख लोग इलाज के लिए राज्य से बाहर जाते हैं। यदि गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदेश के भीतर ही मिलने लगे, तो राज्य की GDP में सालाना 550 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। तीन चरणों में लागू होने वाली यह योजना न केवल मरीजों का समय और पैसा बचाएगी, बल्कि हिमाचल को आधुनिक और तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी।
By Dhruv Sharma
