सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए लगभग 150 अवैध ढांचों को गिराने के औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह कदम शहर के मास्टर प्लान को सुरक्षित रखने और अनियंत्रित शहरीकरण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शिमला में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। हालिया जांच और अदालती आदेशों के बाद, नगर निगम ने उन संपत्तियों की पहचान पूरी कर ली है जिन्होंने भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन किया है। इन 150 चिन्हित निर्माणों में से कई ऐसे हैं जिन्होंने तय मंजिलों से अधिक निर्माण किया है या वन भूमि पर अतिक्रमण किया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों और शहर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अब किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।
इस अभियान के तहत न केवल रिहायशी बल्कि कई व्यावसायिक संपत्तियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। संबंधित मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे, और अब अंतिम आदेश के बाद किसी भी समय बुलडोजर की गर्जना सुनाई दे सकती है। इस कार्रवाई का मुख्य संदेश यह है कि पहाड़ों की रानी शिमला के प्राकृतिक स्वरूप और सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले निर्माणों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की योजना भी बना ली है ताकि तोड़फोड़ के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
Content Writer- Vijay
