हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले से लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत गुवाड़ी के पूर्व प्रधान जन्म सिंह को पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फर्जी अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र बनवाकर न केवल आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा, बल्कि प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए पूरे 5 साल तक प्रधान की कुर्सी का सुख भी भोगा।
शिकायत से खुला राज: यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बाड़ी गांव के निवासी भगत राम ने इस फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ कहा गया था कि जन्म सिंह ने तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर अवैध तरीके से आरक्षित श्रेणी का प्रमाणपत्र हासिल किया था। जांच के दौरान राजस्व विभाग ने इन आरोपों को सही पाया, जिसके बाद नायब तहसीलदार सलूणी ने तत्काल प्रभाव से आरोपी का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी: एसपी चम्बा, विजय कुमार सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तीसा पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस पहलू पर भी गौर कर रही है कि इस फर्जी दस्तावेज को तैयार करने में प्रशासनिक स्तर पर किन-किन लोगों ने आरोपी की मदद की थी।महत्वपूर्ण बात:यह मामला केवल एक व्यक्ति की धोखाधड़ी का नहीं है, बल्कि आरक्षित वर्ग के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। 5 साल तक सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग करने के बाद अब आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
By Dhruv Sharma
