हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की कोटली तहसील के तहत आने वाले सपलोह गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। 12 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में बुरी तरह झुलसी विवाहिता नीलम ठाकुर ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। पिछले कई दिनों से मौत से जूझ रही नीलम की मृत्यु के बाद अब यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद पीड़िता के पति, ठाकर दास को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अब जांच का केंद्र उन परिस्थितियों पर टिक गया है जिनके कारण यह हादसा हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मंडी विनोद कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस हर पहलू पर गहन और निष्पक्ष जांच कर रही है। क्षेत्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि सच का पता लगाया जा सके। सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब 14 फरवरी को सुधार होने पर नीलम ने न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। अपने आधिकारिक बयान में नीलम ने इस पूरी घटना के लिए किसी और को नहीं, बल्कि स्वयं को ही जिम्मेदार ठहराया था।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि क्या यह महज एक आत्मघाती कदम था या इसके पीछे कोई गहरा मानसिक दबाव या साजिश छिपी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही अब आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरा गांव और परिवार अब इंसाफ की उम्मीद में पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
By Dhruv Sharma
