कुल्लू, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक सरकारी शिक्षण संस्थान के शिक्षक ने पवित्र गुरु-शिष्य के रिश्ते को तार-तार कर दिया। इतिहास के एक प्रवक्ता पर 11वीं कक्षा की छात्राओं के साथ न केवल दुर्व्यवहार करने, बल्कि उन्हें निजी काम के लिए मजबूर करने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और अभिभावकों के बीच भारी रोष व्याप्त है।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक वाकया 19 फरवरी को घटित हुआ। आरोपी शिक्षक ने कथित तौर पर तीन छात्राओं को अपने कमरे में बुलाया। वहां दो छात्राओं को रसोई के काम में झोंक दिया गया, जबकि तीसरी छात्रा को जबरन कपड़े प्रेस करने के काम पर लगा दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान शिक्षक ने छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया और किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का रुख:
छात्राओं ने साहस दिखाते हुए इस पूरी आपबीती को स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ साझा किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सैंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। कुल्लू के पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने पुष्टि की है कि छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जनता की मांग: स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे शिक्षकों को समाज में कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोपी को तुरंत सेवा से बर्खास्त करने और उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की है ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
By Dhruv Sharma
