हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ के तहत जनजातीय क्षेत्रों—पांगी, लाहौल-स्पीति, डोडरा क्वार और कुपवी—के पात्र लाभार्थियों का बकाया भुगतान तुरंत सुनिश्चित किया जाए। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सुदूर क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को योजना का लाभ बिना किसी देरी के मिले।प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के दायरे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 8,41,917 लोगों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसमें वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए चल रही पेंशन योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए 99,799 नए मामले स्वीकृत किए हैं, जिनमें चालू वित्त वर्ष (2025-26) के 16,988 मामले भी शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने शिक्षा और आश्रय योजनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ के माध्यम से हजारों बच्चों और युवाओं को आर्थिक मदद दी जा रही है, जबकि ‘मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना’ के लाभार्थियों को उनकी श्रेणी के अनुसार 1,000 से 4,000 रुपये तक की मासिक सहायता दी जा रही है। व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उन्होंने विभाग को आईटी-आधारित नए सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थियों के चयन और पेंशन वितरण में मानवीय देरी को कम किया जा सके और पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो।
