शिमला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत 2018 से वर्तमान तक 40 मामले न्यायालयों में लंबित है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा मुहैया करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। समाज में समानता लाने के लिए व्यावहारिक प्रयास किए जाने चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति के तहत दर्ज मामलों में बरी होने वाले मामलों की दर बहुत है। इस तरह के मामलों के पीछे असली वजह क्या है, इसके लिए इन मामलों का अध्ययन किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों का आधार नई रणनीतियों के तहत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि समाज में विकास एक समान रूप से करवाना प्रशासन का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि जिला पुलिस के सभी जांच अधिकारियों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में मामलों की प्रोसेसिंग की बेहतरी के लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पुलिस में दर्ज बहुत से मामले कोर्ट में साबित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है।बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून व्यवस्था पंकज शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
अल्पसंख्यक बच्चों को मिल रही सभी सुविधाएं
इसके पश्चात प्रधानमंत्री नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई।उपायुक्त ने कहा कि जिला शिमला में 2154 आंगनवाड़ी केंद्र हैं जिनमें से 231 आंगनवाड़ी केन्द्र अल्पसंख्यकों की जनसंख्या वाले हैं। 207 आंगनवाड़ी केन्द्रों में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या 25 प्रतिशत से कम है तथा 24 आंगनवाड़ी केंद्रों में 25 प्रतिशत से अधिक है। समेकित बाल विकास सेवाओं के अंतर्गत जिला शिमला में 11 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा 7 आंगनवाड़ी सहायिका अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्ध रखती हैं।
जिला शिमला में 2154 आंगनवाड़ी केंद्र में 0 से 6 वर्ष के अल्पसंख्यक समुदाय के 491 बच्चे पंजीकृत हैं जिनमें से 387 बच्चों को विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत पोषण की सुविधा प्रदान की जा रही है और 3 से 6 वर्ष के 137 बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान की जा रही है। 0 से 5 वर्ष के 453 अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों का वजन और उनकी लंबाई मापी गई जिसमें 439 बच्चे सामान्य, 11 बच्चे मध्यम रूप से कुपोषित और 3 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए। इसके अतिरिक्त 102 गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाएं अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित है ।
उपायुक्त ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा की उपलब्धता को सुधारने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा के अंतर्गत अनेक योजनाएं चल रही है, जिसमें से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एक है। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की लड़कियों को आवासीय सुविधाओं के साथ शिक्षा प्रदान की जा रही है।
वर्तमान में जिला शिमला में शिक्षा खण्ड छोहारा के अंतर्गत आंध्रा में 95 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं तथा राजकीय उच्च पाठशाला गौंसारी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौंसारी के अंतर्गत पंजीकृत है। रा०व०मा०पा० संजौली व रा०उ०पा० कैथू में उर्दू विषय के 66 छात्रों को शिक्षा प्रदान की जा रही है और इन छात्रों को मध्यान्ह भोजन, मुफ्त पाठ्य पुस्तकें तथा वर्दी की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह मदरसा ग्राम कुठार डा० ग्यांह तहसील चौपाल जिला शिमला में संचालित किया जा रहा है।
इस मदरसे का खर्च सोसायटी द्वारा अपने संसाधनों से वहन किया जा रहा है। वर्तमान में इस मदरसे में 87 बच्चे हैं जिनमें से 60 बच्चे छात्रावास में रहते हैं तथा 27 बच्चे डे-स्कॉलर हैं। 87 बच्चों में से 73 स्थानीय हैं तथा 14 अन्य राज्यों से सम्बन्धित हैं। इसमें पहली से पांचवी की शिक्षा प्रदान करने हेतु उप-निदेशक, प्राथमिक शिक्षा हि०प्र० से सम्बद्ध है। मदरसे में 47 बच्चे पांचवी कक्षा तक की पढ़ाई करते है जिसमें एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम अपनाया जाता है तथा मदरसे के स्टाफ द्वारा उर्दू और अरबी भाषा की धार्मिक शिक्षा भी दी जाती है। पांचवी के बाद 40 बच्चे अपनी आगे की पढ़ाई रा०व०मा०पा० कुठार और रा०उ०पा० मानू में कर रहे हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने मौलाना अब्दुल कलाम आजाद फाउंडेशन के माध्यम से मूलभूत ढांचा सुदृढ़ करने हेतु अनुदान देने का प्रावधान है।
जिला विकास अधिकारी, जिला शिमला से प्राप्त सूचना अनुसार MGNREGA के तहत जिला शिमला में 168 परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया। वर्तमान में राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज प्रगति नगर में 12 छात्र, राजकीय फार्मेसी कॉलेज रोहडू में 10 छात्र, राजकीय पॉलिटेकनिक कॉलेज प्रगति नगर में 02 छात्र, राजकीय पॉलिटेकनिक कॉलेज रोहडू में 06 छात्र अल्पसंख्यक समुदाय से सम्बन्धित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शिमला से प्राप्त सूचना अनुसार वर्तमान में उक्त संस्थान में अल्पसंख्यक समुदाय के 10 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं जिनमें से 07 मुस्लिम व 03 सिख समुदाय से सम्बन्धित हैं। टर्म लोन योजना के तहत 3637 लाभार्थियों को 108.63 करोड़ रुपये तथा वित्त वर्ष 2025-26 में 40 लाभार्थियों को 2.38 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। शिक्षा ऋण के अंतर्गत कुल 40 लाभार्थियों के लिये 1.88 करोड़ रुपए तथा वित्त वर्ष 2025-26 में की राशि में से 01 लाभार्थी को 0.18 करोड़ की राशि वितरित की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाभार्थियों के पक्ष में 2 लाख 47 हजार रुपए वितरित किए गए हैं।
