हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में ‘एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन’ का नेतृत्व करते हुए नशे के खिलाफ एक निर्णायक जंग का बिगुल फूंका है। इस व्यापक जन आंदोलन में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वॉकथॉन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल लोगों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई, बल्कि स्पष्ट किया कि उनकी सरकार चिट्टा माफिया की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ‘पिट एनडीपीएस’ (PIT-NDPS) एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके परिणाम स्वरूप करोड़ों की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।नशे की इस बुराई को जड़ से मिटाने के लिए सरकार ने बहुआयामी रणनीति अपनाई है, जिसमें सख्त कानून के साथ-साथ जन भागीदारी पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नशे के सौदागरों की सूचना देने वालों को 10 हजार से 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा और उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा, नशे की चपेट में आए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए राज्य में पुनर्वास बोर्ड का गठन और नशा निवारण केंद्रों की स्थापना की जा रही है। 234 अति-प्रभावित पंचायतों में विशेष समितियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि हिमाचल की अस्मिता को इस घातक नशे से बचाया जा सके।
By Dhruv Sharma
