ऊना जिले में बनने जा रहे बल्क ड्रग पार्क को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई है, इस मंजूरी के साथ अब हिमाचल प्रदेश में दवा निर्माण के क्षेत्र में नई क्रांति आने का रास्ता साफ हो गया है,
करीब 2,071 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पार्क में भारत सरकार से 996.45 करोड़ और राज्य सरकार से 1,074.55 करोड़ का अनुदान मिला है, वहीं परियोजना में 8 से 10 हज़ार करोड़ रुपये तक का निवेश होगा और इससे लगभग 15 से 20 हज़ार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार मिलने की संभावना है,
यह परियोजना हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक एसपीवी के तहत पूरी की जाएगी, तकनीकी रिपोर्ट और साइट निरीक्षण के बाद इस प्रोजेक्ट को अंतिम स्वीकृति मिली है,
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि ऊना में बन रहा बल्क ड्रग पार्क दवा निर्माण का एक अग्रणी केंद्र बनेगा और हिमाचल की अर्थव्यवस्था व युवाओं दोनों को मज़बूत करेगा,
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी कहा कि यह पार्क फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा, वहीं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इसे तय समय में पूरा किया जाएगा,
फार्मा सेक्टर से जुड़े संगठन और उद्योगपति भी इस कदम से बेहद खुश हैं, उनका कहना है कि यह हिमाचल के लिए नए युग की शुरुआत होगी, जो न सिर्फ स्थानीय उद्योग बल्कि देश की दवा आपूर्ति श्रृंखला को भी मज़बूत करेगा।
By Neeraj Verma
