शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार अगले एक वर्ष में हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद मरीजों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
सीएम सुक्खू ने बताया कि अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है और जल्द ही यह सुविधा अन्य मेडिकल कॉलेजों तक भी पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, उपकरणों और मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और साफ-सफाई में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय होगी।
उन्होंने बताया कि चमियाना, हमीरपुर और चंबा मेडिकल कॉलेजों में 25-25 करोड़ की लागत से स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। चंबा मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण इस वर्ष अक्तूबर तक पूरा करने और शैक्षणिक ब्लॉक के लिए 100 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की गई। वहीं, वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए छात्रावास भी बनाए जाएंगे।
नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए नाहन, हमीरपुर, कुल्लू और चंबा में अगले शैक्षणिक सत्र से नर्सिंग कॉलेज शुरू किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर-रोगी और नर्स-रोगी अनुपात अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव अश्विनी शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं गोपाल बेरी शामिल रहे। सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य भी वर्चुअली बैठक में जुड़े।
सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
By Neeraj Verma
