श्रीखंड महादेव यात्रा के दौरान एक गंभीर मरीज को सड़क तक पहुंचाने के लिए पोर्टर ने हजारों रुपये की अतिरिक्त मांग की।
रास्ते में मरीज को छोड़ दिया गया और घंटों बारिश में जमीन पर तड़पता रहा।
उपचार समय पर न मिलने और सड़क तक न पहुंचाए जाने से उसकी मौत हो गई।
शिकायतकर्ता विशाल कनौजिया निवासी चंडीगढ़ ने बताया कि पोर्टर ने 40 हजार रुपये लेने के बावजूद सिंहगाड़ में मरीज को छोड़ दिया और बाद में जान से मारने की धमकी भी दी।
इस लापरवाही को लेकर डीजीपी कार्यालय, एसडीएम निरमंड और पुलिस को शिकायत भेजी गई थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 106 और 125(1) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एएसपी संजीव चौहान ने मामले की पुष्टि की है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे।
(मीडिया रिपोर्ट्स)
