हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में विकास और प्रशासनिक सुगमता को बढ़ावा देने के लिए 81 नई ग्राम पंचायतों के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही राज्य में पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर अब 3701 हो गई है। आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार ने सीमा निर्धारण और आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया को भी तेज कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती देते हुए सरकार ने 81 नई पंचायतों के गठन को मंजूरी दे दी है। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस विस्तार के बाद अब प्रदेश में कुल पंचायतों की संख्या 3701 पहुँच गई है। हालांकि, स्थानीय जनता के विरोध और आपत्तियों के कारण शिमला की दो और सोलन की एक पंचायत का गठन फिलहाल रोक दिया गया है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 20 नई पंचायतें कांगड़ा जिले में बनाई गई हैं, जबकि सोलन में 11 और शिमला में 9 पंचायतों का सृजन हुआ है। शेष जिलों जैसे चंबा, ऊना, सिरमौर और हमीरपुर में भी आवश्यकतानुसार नई इकाइयां गठित की गई हैं।
प्रदेश सरकार ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला उपायुक्तों को सख्त निर्देश दिए हैं। नई पंचायतों और उनसे प्रभावित होने वाली पुरानी 162 पंचायतों के पुनर्सीमांकन (Delimitation) और वार्डों की जनसंख्या तय करने का कार्य तीन दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अनुसार, 20 मार्च तक सीमाओं का निर्धारण हो जाएगा और 31 मार्च को आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया जाएगा। यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के पालन में की जा रही है, जिसके तहत प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव संपन्न कराने अनिवार्य हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय को अभी 68 और प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में पंचायतों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।
By Dhruv Sharma
