हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के पात्र विद्यार्थियों के लिए स्कूल वर्दी के मद में 600 रुपये प्रति छात्र की सहायता राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जारी करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए उठाया गया है, ताकि समय रहते छात्र अपनी वर्दी तैयार कर सकें।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे कक्षा पहली से आठवीं तक के लाखों विद्यार्थियों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए स्कूल वर्दी के लिए सहायता राशि का आवंटन कर दिया है। नवीनतम निर्देशों के अनुसार, सभी छात्राओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और गरीबी रेखा से नीचे (BPL) श्रेणी के लड़कों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि सीधे विद्यार्थियों या उनकी माताओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। 27 फरवरी 2026 को निदेशालय द्वारा जिला कार्यालयों को बजट स्थानांतरित कर दिया गया है और अब जिला उपनिदेशकों को एक महीने के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस योजना के दायरे में सामान्य सरकारी स्कूलों के साथ-साथ ‘पीएम श्री’ (PM SHRI) स्कूलों के विद्यार्थी भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों की नीति को जारी रखते हुए, सामान्य वर्ग के लड़कों को इस बार भी वर्दी के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं दी जाएगी; उन्हें अपनी वर्दी का खर्च स्वयं वहन करना होगा। निदेशालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन छात्रों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते विशेष अभियान चलाकर खुलवाए जाएं। पूरी राशि वितरित होने के बाद जिलों को एक सप्ताह के भीतर ‘उपयोगिता प्रमाण पत्र’ (UC) जमा करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र बच्चा इस वित्तीय लाभ से वंचित न रहे।
By Dhruv Sharma
