हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल बैठक: विकास और जन कल्याण के बड़े निर्णयमुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।
1. पंचायती राज और प्रशासनिक सुधारआरक्षण नियमों में बदलाव: पंचायत चुनावों के लिए अब वर्ष 2010 को आधार वर्ष माना जाएगा। नियम के अनुसार, जो पंचायतें पिछले दो कार्यकाल से आरक्षित रही हैं, उन्हें अगली बार आरक्षित नहीं किया जाएगा। (इस पर जनता से सुझाव आमंत्रित हैं)।
पेंशन नियमों का सरलीकरण: ‘निराश्रित’ महिला की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है। अब परित्यक्त महिलाएं (जिन्हें पति ने छोड़ दिया है) आसानी से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले सकेंगी।
लीज अवधि में विस्तार: हिमुडा (HIMUDA) के लिए लीज की अवधि को 40 साल से बढ़ाकर 80 साल करने का निर्णय लिया गया है।
2. ऊर्जा और जल संसाधनप्रोजेक्ट्स पर कड़ा फैसला: काम शुरू करने में देरी करने वाली 15 जलविद्युत परियोजनाओं को रद्द कर दिया गया है।
BBMB को नया प्रोजेक्ट: पंडोह में 10 मेगावाट का प्रोजेक्ट BBMB को सौंपा गया है। इसके बदले राज्य को 18% बिजली मुफ्त और हिस्सेदारी के रूप में मिलेगी।
अनाथ बच्चों की सहायता: ऊर्जा नीति के तहत विकास निधि का 40% हिस्सा अब ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ (अनाथ बच्चों) के कल्याण पर खर्च होगा।
सूचना विभाग: 3 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (IT)।पुलिस व सुरक्षा: गगरेट में नया उप-मंडलीय पुलिस कार्यालय और नूरपुर (कोटला) में नया थाना खुलेगा। टाहलीवाल फायर पोस्ट को अपग्रेड किया गया है।
3. रोजगार और नए पदों का सृजनविभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए भारी नियुक्तियों को मंजूरी दी गई है:तकनीकी शिक्षा: इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 कनिष्ठ सहायक प्रवक्ता।
सहकारिता विभाग: 2 सहायक पंजीयक और 30 निरीक्षक (Inspector)।खेल विभाग: खेल छात्रावासों के लिए 16 नए कोच।
4. कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचाहेली-टैक्सी सेवा: चंडीगढ़-शिमला के बीच उड़ानें अब हफ्ते में 3 के बजाय 12 बार (दिन में 2 उड़ानें, 6 दिन) होंगी। सरकार इसके लिए VGF (आर्थिक सहायता) प्रदान करेगी।
दुग्ध प्रसंस्करण: ढगवार में नया क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध संघ बनेगा, जिसे NDDB के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय: शिमला (कोटखाई) और सिरमौर (पांवटा साहिब) में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने हेतु भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई।
5. कर्मचारियों और आउटसोर्स वर्करों को बड़ी राहतवेतन का भुगतान: जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से फंड न मिलने के बावजूद, राज्य सरकार अपने खजाने से आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन जारी करेगी।
नियमितीकरण: सिरमौर में 11 साल की सेवा पूरी करने वाले अंशकालिक जल वाहकों को नियमित किया जाएगा।
पटवारी नियुक्तियां: 2016 बैच के शेष पटवारियों को लाहौल-स्पीति और कुल्लू में नियुक्तियां दी जाएंगी।
निष्कर्ष: यह कैबिनेट बैठक स्पष्ट रूप से हिमाचल में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सरकारी सेवाओं में युवाओं को अवसर देने और समाज के वंचित वर्गों को सुरक्षा प्रदान करने के विजन पर आधारित रही।
By Dhruv Sharma
