सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की मुहिम को लेकर विरोध और विवाद बढ़ता ही जा रहा है। बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत कपाहड़ा में स्मार्ट मीटर न लगवाने पर विद्युत विभाग और स्थानीय पंचायत प्रधान आमने-सामने आ गए हैं। मीटर लगवाने से मना करने पर विभाग ने पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर की बिजली काट दी गई। विभाग की इस कथित एकतरफा कार्रवाई से नाराज प्रधान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी निजी जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार 24 घंटे के भीतर हटाने की सख्त चेतावनी दी है।
विवाद की शुरुआत 9 अगस्त को हुई थी, जब कपाहड़ा पंचायत की ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पुराने बिजली मीटरों को न बदलने और स्मार्ट मीटर का विरोध करने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस प्रस्ताव की प्रति विभागीय अधिकारियों को भी सौंपी गई थी। प्रधान का आरोप है कि विभाग जनता की शंकाओं का समाधान करने के बजाय जबरन दबाव बना रहा है। हाल ही में 14 अक्तूबर को विभाग ने प्रधान और उनके दिवंगत पिता के नाम पर 24 घंटे में स्मार्ट मीटर न लगवाने पर बिजली काटने का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद कनेक्शन काट दिया गया।
मामले पर अपना पक्ष रखते हुए पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा ने विभाग की कार्रवाई की तुलना ब्रिटिश हुकूमत के दौर से की और बताया कि उन्होंने इस मामले में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है। दूसरी ओर, विद्युत विभाग घुमारवीं के अधिशासी अभियंता (XEN) कर्ण चंदेल ने विभाग का बचाव करते हुए कहा कि चेतावनी और नोटिस के बाद पूरी कार्रवाई नियमानुसार ही की गई है। फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बिजली विभाग के प्रति जनरोष बढ़ता दिख रहा है।
Content Writer- Chanchala
