शिमला: हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों द्वारा अपनी 7,000 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारियों को लेकर किया गया प्रदर्शन बेहद सफल रहा। हालांकि पेंशनभोगी विधानसभा का घेराव करने आगे नहीं बढ़े, लेकिन शिमला के चौड़ा मैदान में राज्यभर से आए हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने एकजुट होकर सुक्खू सरकार के खिलाफ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और कड़ा रोष व्यक्त किया।
संशोधित वेतनमान के एरियर, बकाया मेडिकल बिलों और 15% महंगाई भत्ते (DA) की मांग को लेकर पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ अपने संकल्प को फिर दोहराया। मई 2026 की वार्ता के बाद भी 40% बकाया देने के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस रोडमैप तैयार नहीं किया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में चक्का जाम और तालाबंदी का रूप ले लेगा।
Content Editor- Pushpa
