सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश के करीब 2 लाख पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ एक बार फिर उग्र आंदोलन की हुंकार भर दी है। ‘हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति’ का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने 13 मई की बैठक में पेंशनरों की जायज़ मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी एक भी वादा अमल में नहीं लाया गया। इसे समिति ने राज्य के 2 लाख पेंशनरों के साथ सीधा धोखा और विश्वासघात करार दिया है।
सरकार के इस रवैये से आक्रोशित संघर्ष समिति ने वरिष्ठ पदाधिकारियों से मंथन के बाद आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। समिति के महासचिव इंदर पाल शर्मा ने प्रदेश भर के सभी सम्माननीय पदाधिकारियों, सदस्यों और पेंशनर साथियों से एकजुटता की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब हक मांगने का नहीं, बल्कि छीनने का वक्त है। इसी रणनीति के तहत समिति ने 1 सितंबर को शिमला के ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में सुबह 11 बजे विशाल धरना-प्रदर्शन करने और विधानसभा का घेराव करने का अंतिम निर्णय लिया है, ताकि सरकार तक पेंशनरों की बुलंद आवाज़ पहुंचाई जा सके।
Content Writer- Pushpa
