सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश में 1,276 पंचायतों के लिए आयोजित ग्रामीण निकाय चुनाव के दूसरे चरण में भारी उत्साह देखा गया। गुरुवार को हुए इस मतदान में राज्य भर में करीब 79.79% रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई, जो साल 2021 के दूसरे चरण (76%) के मुकाबले काफी बेहतर है। इस बार के चुनावों की सबसे खास बात यह रही कि राज्य के 12 में से 9 जिलों में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक बढ़-चढ़कर लोकतंत्र के इस उत्सव में हिस्सा लिया। आंकड़ों के अनुसार, महिला मतदाताओं का प्रतिशत 82.97% रहा, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 76.69% दर्ज किया गया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिल खाची ने पुष्टि की कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई।
जिलों की बात करें तो कुल्लू जिला 85.52% मतदान के साथ सबसे आगे रहा, जबकि सिरमौर (85.16%) और सोलन (83.62%) भी वोटिंग के मामले में शीर्ष पर रहे। इसके विपरीत, लाहौल और स्पीति जिले में सबसे कम 69.38% मतदान हुआ। इस चुनावी माहौल के बीच हमीरपुर जिले की री ग्राम पंचायत के ‘कांगरी गांव’ (वार्ड नंबर-1) के सभी 288 मतदाताओं ने चुनावों का पूर्ण बहिष्कार किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पंचायत भवन तक पहुँचने के लिए 25 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, और उनकी माँग (अलग पंचायत बनाने या दूसरी पंचायत में शामिल करने) को सालों से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते गुरुवार को इस वार्ड से एक भी वोट नहीं पड़ा।
इसी बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने समीरपुर पंचायत में अपने परिवार के साथ मतदान किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि चुनावी रुझान पूरी तरह भाजपा के पक्ष में हैं और जनता राज्य की वर्तमान कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकाल रही है। उन्होंने पंचायती राज में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण की सराहना भी की। आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को हुए पहले चरण में 78.90% मतदान हुआ था, और अब शेष बची 1,274 पंचायतों के लिए तीसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 30 मई को आयोजित की जाएगी।
Content Writer- Vijay
