सिरमौर: (नाहन) हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर स्थित नाहन वन मंडल की सतीवाला पंचायत में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात वफादारी और वन्य शक्ति के बीच एक ऐतिहासिक जंग देखने को मिली। जोगीबन गांव के एक बकरी फार्म में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर एक तेंदुआ घुस आया। लेकिन उसका सामना फार्म की रखवाली कर रहे उन जांबाज गद्दी कुत्तों से हुआ, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना शिकारी को घेर लिया। रात भर चले इस मूक तनाव के बाद सुबह जब फार्म का गेट खुला, तो घबराए हुए तेंदुए ने पास के नाले के एक संकरे पाइप (कलवर्ट) में छिपने की कोशिश की। इसी आपाधापी में तेंदुए ने वहां मौजूद दो युवकों, संग्राम और नीरज पर जानलेवा हमला कर दिया।जैसे ही माहौल में चीख-पुकार मची, गद्दी कुत्तों ने फिर से मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी बहादुरी से न केवल तेंदुए का ध्यान भटकाया, बल्कि दोनों युवकों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही सोमवार दोपहर वन्य प्राणी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि तेंदुआ एक तंग पाइप के भीतर था और बाहर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा थी। पाइप के एक तरफ जाली और दूसरी तरफ पिंजरा लगाकर घेराबंदी की गई, लेकिन जब बात नहीं बनी तो ट्रैंक्विलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया गया।
इस ऑपरेशन का सबसे साहसी पल वह था जब एक वनरक्षक ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी से भरे पाइप के भीतर प्रवेश किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेंदुआ पूरी तरह बेहोश है। तेंदुए को रस्सी से बांधकर सुरक्षित बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार के बाद उसे टूटीकंडी रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का अंत सफल रेस्क्यू के साथ हुआ। नाहन के डीएफओ अवनी भूषण राय ने वन विभाग की टीम की तत्परता और गद्दी कुत्तों की अद्वितीय वफादारी की जमकर सराहना की है, जिनकी वजह से आज एक बड़ा हादसा टल गया।
By Dhruv Sharma
