हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के अंतर्गत उपमंडल जोगिंद्रनगर में घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का एक हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है। जोगिंद्रनगर के भराड़ू क्षेत्र स्थित आलगा-बाड़ी गांव में एक महिला ने अपनी बेटी के साथ जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का आत्मघाती प्रयास किया। दोनों को अत्यंत गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां वे जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 52 वर्षीय सुमना देवी और उनकी बेटी पूनम ने घर पर किसी अज्ञात जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जैसे ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों को इस घटना की भनक लगी, उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचित किया। इसके बाद दोनों मां-बेटी को उपचार के लिए सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर लाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ती देख चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (टांडा) रैफर कर दिया। ताजा अपडेट के अनुसार, मां सुमना देवी की हालत फिलहाल अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे गहरा पारिवारिक कलह और निरंतर चल रही घरेलू हिंसा की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि महिला का पति, बेसर राम, जो कामकाज के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता था, जब भी घर लौटता तो घर का माहौल तनावपूर्ण हो जाता था। बताया जा रहा है कि वह शराब के नशे में धुत होकर अपनी पत्नी और बेटी के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था। लंबे समय से चल रहे इस असहनीय उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के कारण महिला काफी समय से परेशान थी। माना जा रहा है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर मां-बेटी ने यह कठोर कदम उठाया।
फिलहाल जोगिंद्रनगर पुलिस ने घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम अस्पताल और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा रही है। जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जैसे ही पीड़ितों की स्थिति में सुधार होता है और उनके बयान दर्ज होते हैं, आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पुलिस इस बिंदु पर भी गहनता से जांच कर रही है कि घटना के वक्त घर में और कौन-कौन मौजूद था।
By Dhruv Sharma
