हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायतों के वित्तीय ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 1 अप्रैल से ‘समर्थ पंचायत पोर्टल’ को अनिवार्य कर दिया है। अब करों का निर्धारण, करदाताओं का पंजीकरण और राजस्व की वसूली जैसे सभी महत्वपूर्ण कार्य केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएंगे। इस बदलाव के साथ ही पंचायतों में वर्षों से चली आ रही पुरानी ऑफलाइन व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विकसित इस पोर्टल का मुख्य लक्ष्य पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार की गुंजाइश को खत्म करना है। अब नागरिक अपने करों का भुगतान डिजिटल रूप से कर सकेंगे, जिससे पंचायतों की आय का सटीक हिसाब रखा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल ग्राम पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनेंगी।
