हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम के बेहद विचित्र और चौंकाने वाले रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां प्रदेश की राजधानी शिमला में रात का तापमान सामान्य से करीब 7.4 डिग्री अधिक (10.5°C) दर्ज किया गया, जिससे यह पूरे राज्य में सबसे गर्म रात वाला शहर बन गया, वहीं दूसरी ओर ऊंचाई वाले इलाकों में आखिरकार कुदरत मेहरबान हुई है। लंबे सूखे के बाद शुक्रवार शाम को रोहतांग दर्रा, लाहौल-स्पीति की चोटियों और उदयपुर घाटी ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे किसानों और बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं।मौसम विभाग के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण राज्य के मध्य और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में 22 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। यह खबर पर्यटन और कृषि दोनों के लिए राहत भरी है, क्योंकि जनवरी का आधा महीना बीतने के बावजूद शिमला और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल अब तक इस सीजन की पहली बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे। बर्फ की कमी न केवल सैलानियों को निराश कर रही थी, बल्कि सेब की बागवानी और रबी की फसलों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई थी।आंकड़ों की बात करें तो जहां जनजातीय इलाकों में पारा अब भी शून्य से नीचे (माइनस) बना हुआ है और मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप है, वहीं शिमला का न्यूनतम तापमान कई अन्य शहरों के मुकाबले काफी अधिक रहा। हालांकि, विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बादलों के बरसने और पहाड़ों पर बर्फ गिरने से पूरे प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आएगी, जिससे ठिठुरन बढ़ने के साथ-साथ सूखे का संकट भी खत्म होगा।
By Dhruv Sharma
