शिमला/दिल्ली: सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर प्रयासों का प्रतिफल हमेशा सुखद होता है। हाल ही में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई बैठक हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है। इस मुलाकात के फलस्वरूप, केंद्र सरकार ने PMGSY-IV के तहत प्रदेश की लगभग 1500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए 2300 करोड़ रुपये की मांग पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। यह निवेश न केवल राज्य के ग्रामीण सड़क नेटवर्क को आधुनिक और मजबूत बनाएगा, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सुगम आवाजाही के नए द्वार भी खोलेगा।इस बैठक का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू शिमला जिले के दुर्गम डोडरा क्वार क्षेत्र के लिए विशेष रियायत रहा। भौगोलिक चुनौतियों को समझते हुए, केंद्रीय मंत्री ने PMGSY-1 की बजट अवधि और व्यय नियमों में ढील देने का आश्वासन दिया है। इससे सालों से लंबित पड़े कार्यों को अब समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा, जो सर्दियों में अलग-थलग पड़ जाने वाली इन बस्तियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सड़कों के इस व्यापक जाल से राज्य के किसानों, छात्रों और स्थानीय व्यापारियों को बारहमासी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई ऊंचाई प्राप्त होगी।
By Dhruv Sharma
