हिमाचल प्रदेश में जनवरी की ठंड ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। राज्य के 6 जिलों में पारा शून्य के नीचे लुढ़क चुका है, जिसने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। कुकुमसेरी में तापमान -11.2 डिग्री तक गिर जाने से यह सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस कड़ाके की ठंड के बीच बादलों की मेहरबानी होगी? मौसम विभाग ने लोहड़ी तक बारिश और बर्फबारी को लेकर जो भविष्यवाणी की है, वह आपको हैरान कर देगी। अगले 14 जनवरी तक के लिए जारी किए गए विशेष अलर्ट और कोहरे के ‘येलो डेंजर’ के बीच जानिए, आखिर कब खत्म होगा सूखे का इंतजार और कब सफ़ेद चादर से ढकेगा हिमाचल।पूरी रिपोर्ट: हाड़ कंपा देने वाली ठंड का सितमहिमाचल प्रदेश में मौसम के मिजाज ने सबको चौंका दिया है। जहाँ एक ओर लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू जैसे पहाड़ी जिले -11.2°C तक की ठंड में जम चुके हैं, वहीं मैदानी इलाकों में गंभीर शीतलहर (Severe Cold Wave) का कहर जारी है। मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे जिलों में ठंड का प्रकोप इतना अधिक है कि जनजीवन ठहर सा गया है। ताबो, मनाली और सोलन में भी तापमान माइनस में होने के कारण सुबह-शाम ठिठुरन असहनीय हो गई है। आलम यह है कि बिलासपुर जैसे इलाकों में घने कोहरे के कारण दृश्यता महज 150 मीटर रह गई है, जिससे यातायात पर भी बुरा असर पड़ रहा है।सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि राज्य का औसत तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री नीचे चल रहा है। आसमान साफ होने के बावजूद धूप बेअसर साबित हो रही है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 8 से 14 जनवरी तक प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहने वाला है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस साल लोहड़ी के त्यौहार पर भी बारिश या बर्फबारी की कोई उम्मीद नहीं है। 12 जनवरी तक निचले इलाकों में घने कोहरे का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि अभी कुछ और रातों तक हिमाचल को इसी सूखी और हड्डी गला देने वाली ठंड का सामना करना पड़ेगा।
By Dhruv Sharma
