मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की अपनी सुधारोन्मुख सोच को आगे बढ़ाते हुए एक बड़ी उपलब्धि साझा की है। प्रदेश सरकार ने विभिन्न सरकारी विभागों में लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे 980 पात्र प्रार्थियों को करूणामूलक आधार पर नियुक्तियां प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक संबल, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उठाया गया है। ये सभी नियुक्तियां 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर, 2025 तक दी गई एक विशेष छूट अवधि के दौरान की गई हैं, जिसमें 366 तृतीय श्रेणी और 614 चतुर्थ श्रेणी (मल्टी टास्क वर्कर) के पद शामिल हैं।विभागवार नियुक्तियों के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जल शक्ति विभाग में सर्वाधिक 419 नियुक्तियां की गई हैं। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग में 175, शिक्षा विभाग में 128 और गृह विभाग में 75 परिवारों को राहत प्रदान की गई है। स्वास्थ्य, पशुपालन, आयुष, कृषि और राजस्व सहित कुल 19 विभागों में इन नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी की गई है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने उन परिवारों का दर्द समझा है जो वर्षों से प्रक्रियागत देरी के कारण न्याय की राह देख रहे थे।पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार की विफलता के कारण कई पात्र परिवार सालों तक अपने अधिकारों से वंचित रहे। वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की इन कमियों को सुधारते हुए प्राथमिकता के आधार पर इन परिवारों का आत्मसम्मान बहाल किया है। उन्होंने दोहराया कि हिमाचल सरकार प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले कर्मचारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य सरकार के जन कल्याण और संवेदनशीलता के संकल्प का प्रतीक है।
