सिरमौर: पांवटा साहिब–गुम्मा नेशनल हाईवे (NH-707) पर एक दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। खजियार गाँव का 12 वर्षीय पार्थ अपने पिता के साथ सड़क किनारे स्कूटी पर बैठकर उनका इंतज़ार कर रहा था, तभी एक बेलगाम हाइड्रा क्रेन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। पिता सुरेश कुमार की आँखों के सामने ही क्रेन का टायर उनके मासूम बेटे को कुचलता हुआ निकल गया, जिससे पार्थ की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा महज़ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क निर्माण में जुटी कंपनियों द्वारा सुरक्षा मानकों की निरंतर अनदेखी का परिणाम है।इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय निवासियों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी की लापरवाही के खिलाफ नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कंपनी के बड़े अधिकारी मौके पर आकर इस मौत की जिम्मेदारी लें। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को मोर्चा संभालना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर यह कड़वा सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास की इस दौड़ में और कितनी मासूम जिंदगियां दांव पर लगाई जाएंगी?
By Dhruv Sharma
