हिमाचल सरकार ने युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए दोहरी रणनीति अपनाई है।
- सिरमौर के कोटला बड़ोग में 100 बेड का अत्याधुनिक नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए ₹5.34 करोड़ मंजूर।
- मंडी, चंबा, सोलन, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में नए नशा मुक्ति केंद्र शुरू होंगे।
- राज्य में 108 दिशा केंद्र स्थापित, जहां डॉक्टरों व आशा वर्करों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
- वर्तमान में कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के 4 नशा मुक्ति केंद्र और कुल्लू में महिलाओं का अलग केंद्र संचालित। कानूनी मोर्चे पर, सरकार ने हिमाचल संगठित अपराध विधेयक 2025 पास किया है, जिसमें मादक पदार्थ तस्करी पर मृत्युदंड से लेकर आजीवन कारावास और 10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल को नशामुक्त राज्य बनाने के लिए रोकथाम, पुनर्वास, जनजागरूकता और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।
By Neeraj Verma
