शिमला। नगर निगम शिमला ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। निगम ने आवारा कुत्तों की पहचान हेतु टैग लगाने का कार्य आरंभ किया है।
इस अवसर पर शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरीश जनार्था भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल को शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत बताया और कहा कि टैगिंग से कुत्तों की पहचान और निगरानी में आसानी होगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार, टैगिंग के बाद इन कुत्तों को एंटी-रेबीज़ वैक्सीन दी जाएगी और उनकी नसबंदी भी करवाई जाएगी, ताकि भविष्य में उनकी संख्या अनियंत्रित रूप से न बढ़े।
नगर निगम के 34 वार्डों में लगभग 4000 आवारा कुत्तों की टैगिंग, टीकाकरण और नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। निगम का मानना है कि यह अभियान न केवल नागरिकों को कुत्तों से होने वाली दिक़्क़तों से राहत देगा बल्कि पशुओं की सेहत और देखभाल के लिए भी उपयोगी होगा।
नगर निगम ने लोगों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और टैग लगे कुत्तों को किसी प्रकार से हानि न पहुँचाएँ, क्योंकि यह प्रक्रिया कुत्तों और इंसानों दोनों की सुरक्षा के लिए है।
By Neeraj Verma
