सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। रामपुर स्थित किन्नौर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपनी ही 14 वर्षीय नाबालिग सौतेली बहन के साथ दुष्कर्म करने वाले 22 वर्षीय दोषी सचिन कुमार को 20 वर्ष के कड़े कारावास और 10,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ने पीड़िता को डराने-धमकाने और आत्महत्या की झूठी वीडियो भेजकर ब्लैकमेल भी किया था, जिसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और 22 गवाहों के आधार पर उसे सलाखों के पीछे पहुंचाया।
पूरी घटना: सौतेले भाई की हैवानियत की दास्तां:
यह दर्दनाक मामला हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले का है। दोषी सचिन कुमार और पीड़िता एक ही पिता की संतान हैं, लेकिन दोनों की माताएं अलग-अलग थीं। लगभग 18-20 साल पहले सचिन की मां अपने पति से अलग हो गई थी, जिसके बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली थी जिससे पीड़िता का जन्म हुआ। कुछ समय पहले सचिन संपत्ति में अपना हिस्सा मांगने वापस लौटा, तो पिता ने उसे जमीन और मकान दे दिया। वह रहने तो अलग लगा, लेकिन उसका खाना-पीना पिता और पीड़िता के परिवार के साथ ही होता था। पीड़िता उसे अपने सगे भाई की तरह मानती थी और हर साल राखी भी बांधती थी।
साल 2024 में, जब पीड़िता महज 14 वर्ष की थी और 10वीं कक्षा में पढ़ रही थी, तब आरोपी ने उसके साथ अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया। आरोपी शराब के नशे में पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने लगा और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने पीड़िता को चुप रखने के लिए एक वीडियो भेजा, जिसमें वह हाथ में फांसी का फंदा लेकर खड़ा था और बात उजागर होने पर आत्महत्या करने की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इस ब्लैकमेलिंग से तंग आकर पीड़िता ने अपनी मां को सब सच बता दिया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। कोर्ट में सरकारी वकील कमल चंदेल ने 22 गवाह और पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई।
Content Writer- Vijay
