हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और गरीब परिवारों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। सरकार ने पूर्व में चल रही ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना’ और ‘मुख्यमंत्री शगुन योजना’ को एकीकृत (Merge) कर अब एक नई और अधिक प्रभावी ‘शुभ विवाह योजना’ को शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस एकीकरण का मुख्य लक्ष्य योजनाओं की जटिलता को खत्म करना और पात्र लाभार्थियों तक सीधा और त्वरित लाभ पहुँचाना है।
इस नई योजना के तहत, प्रदेश के बीपीएल (BPL) परिवारों से संबंधित पात्र बालिकाओं को उनके विवाह के लिए राज्य सरकार की ओर से 51,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने इसके लिए आयु सीमा का भी विशेष ध्यान रखा है; योजना का लाभ केवल उन कन्याओं को मिलेगा जिनकी आयु विवाह के समय 21 वर्ष या उससे अधिक होगी। यह प्रावधान न केवल विवाह के समय आर्थिक मदद सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज में बाल विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध एक कड़ा संदेश देते हुए बेटियों की उच्च शिक्षा और परिपक्वता को भी प्रोत्साहित करेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का कहना है कि उनकी सरकार का मूल मंत्र ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के साथ-साथ ‘जनकल्याण’ है। अक्सर देखा जाता है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपनी बेटियों की शादी के लिए कर्ज लेना पड़ता है या अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती है। इस वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सरकार ने सीधे बैंक खाते में सहायता राशि भेजने का निर्णय लिया है। यह कदम समाज में बेटियों के सम्मान, गरिमा और उनकी सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का प्रयास है कि संसाधनों की कमी के कारण किसी भी माता-पिता को अपनी बेटी के कन्यादान के समय विवश न होना पड़े और हर बेटी का विवाह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो।
By Vijay
