सिरमौर: शनिवार की उस मनहूस शाम को किसी ने नहीं सोचा था कि कफोटा और शिल्ला के बीच का यह सफर आखिरी साबित होगा। आईटीआई के समीप पहुंचते ही काल बनकर आई एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि मंजर देखकर हर किसी की रूह कांप गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। 50 वर्षीय रघुवीर सिंह, जो अपने घर जाजला की ओर उम्मीदें लेकर बढ़ रहे थे, उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी।
अस्पताल के गलियारों में सिसकियाँ और संघर्ष:
इस हादसे ने न केवल एक जान ली, बल्कि 28 वर्षीय युवा संजय कुमार को भी मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। रिठौग निवासी संजय इस समय नाहन मेडिकल कॉलेज के बिस्तर पर अपनी आखिरी सांसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पांवटा साहिब सिविल अस्पताल में जब उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रैफर किया गया, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। स्थानीय लोगों की तत्परता ने उन्हें अस्पताल तो पहुंचा दिया, लेकिन उनकी नाजुक हालत अब भी चिंता का विषय बनी हुई है।
पुलिसिया कार्रवाई और सुलगते सवाल:
हादसे की सूचना मिलते ही कफोटा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां चारों तरफ खून और मलबे का निशान बिखरा पड़ा था। पुलिस ने रघुवीर सिंह के बेजान शरीर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मार्ग पर बाधित यातायात को बहाल करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले कत्लेआम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब उस कार चालक की तलाश और कानूनी प्रक्रिया में जुटा है, जिसकी एक गलती ने एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया।
By Dhruv Sharma
