कुल्लू के पतलीकूहल में दोस्ती और विश्वास का एक ऐसा खौफनाक अंत हुआ जिसने पूरी घाटी को झकझोर कर रख दिया है। 16 मील इलाके में दो नेपाली प्रवासी मजदूर, ललित और बीर बहादुर, एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे, लेकिन नशे के खुमार में उनके बीच की हंसी-मजाक अचानक हिंसक झड़प में बदल गई। गुस्से में पागल होकर ललित ने अपने 36 वर्षीय दोस्त बीर बहादुर को सड़क के किनारे से उफनती ब्यास नदी की ओर जोरदार धक्का दे दिया। ऊंचाई से सीधे पत्थरों पर गिरने और गहरे पानी की चपेट में आने के कारण बीर बहादुर की मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी ललित को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। चश्मदीदों की गवाही और शुरुआती तफ्तीश से यह साफ है कि नशे की एक मामूली तकरार ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भारी दहशत है, क्योंकि घाटी में नशे के कारण अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस ‘मौत के धक्के’ के पीछे कोई गहरी रंजिश छिपी थी या यह सिर्फ नशे में उपजा एक तात्कालिक उन्माद था।
By Dhruv Sharma
