हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि प्रदेश में टाल दिए गए पंचायत चुनाव हर हाल में 30 अप्रैल, 2026 से पहले संपन्न करा लिए जाएं। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी करना संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है और पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें लंबे समय तक प्रशासकों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि चुनावों की तैयारियों में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार द्वारा वार्डों के पुनर्निर्धारण (delimitation) या अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर चुनाव टालने की कोशिशों को दरकिनार करते हुए, न्यायमूर्ति ने आदेश दिया कि चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इस फैसले के बाद अब प्रशासन को मतदाता सूचियों के अपडेशन और मतदान केंद्रों की व्यवस्था के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करना होगा ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर जन प्रतिनिधियों का चुनाव किया जा सके।
By Dhruv Sharma
