राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज जिला कुल्लू के रथ मैदान में सप्ताह भर चलने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने भगवान रघुनाथ जी की पारंपरिक रथ यात्रा में भाग लिया। इस अवसर पर धर्मपत्नी जानकी शुक्ला भी उपस्थित रहीं।
राज्यपाल ने कहा कि दशहरा पर्व आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल में यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का संरक्षण है। उन्होंने युवाओं को संस्कृति से जोड़ने और नशा मुक्ति हेतु सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा,
“देवभूमि हिमाचल में नशे के लिए कोई स्थान नहीं है। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बनाना होगा।”
उन्होंने साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस उत्सव में कुल्लू जिले के 300 से अधिक देवी-देवता भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक सुन्दर सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र शौरी, भुवनेश्वर गौड़, महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, उपायुक्त कुल्लू, पुलिस अधीक्षक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
By Neeraj Verma
