शिमला: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, विभिन्न वर्गों का मानदेय बढ़ाने, आपदा राहत, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि-बागवानी क्षेत्र के विस्तार को लेकर कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में जल शक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों में हजारों नए पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई।
रोजगार एवं विभिन्न विभागों में भर्ती के फैसले:
बैठक में जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर्ज, पैरा फिटर्ज और बहुद्देश्यीय कार्यकर्ताओं के 4,090 पैरा वर्करों के पद भरने को मंजूरी दी गई। शिक्षा विभाग में 100 नए स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार की जाएगी, जिसके तहत भर्ती के माध्यम से 3,900 शैक्षणिक और 900 गैर-शैक्षणिक पदों को भरने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा कॉलेज कैडर में बैकलॉग कोटे के 320 सहायक प्रोफेसर, शेष बचे एसएमसी शिक्षकों (पीजीटी और टीजीटी) तथा आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) के माध्यम से भरने का निर्णय लिया गया। शिक्षा विभाग में अनुकंपा के आधार पर 29 कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में 500 सहायक स्टाफ नर्सों, टांडा मेडिकल कॉलेज में 24 स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों, 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, 6 परफ्यूजनिस्ट, 10 रेडियोग्राफर और पंजोआ (ऊना) में पीएचसी के लिए पदों को मंजूरी दी गई। लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्कर व 10 कनिष्ठ अभियंता, पशुपालन विभाग में 116 पद, बागवानी विभाग में 40 बागवानी विस्तार अधिकारी, 10 बागवानी विकास अधिकारी व 5 वरिष्ठ सहायक, बनखंडी चिड़ियाघर के लिए 26 पद, वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों व 10 रेंज वन अधिकारियों, सहकारिता विभाग में 30 सहायक निरीक्षक व 2 कनिष्ठ रजिस्ट्रार, निर्वाचन विभाग में 13 निर्वाचन कानूनगो तथा भर्ती निदेशालय के लिए 14 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त कोषागार, लेखा एवं आबकारी विभागों, फॉरेंसिक सेवा, एमसीएच कुल्लू, पारिवारिक न्यायालयों और अन्य कार्यालयों में भी विभिन्न श्रेणियों के दर्जनों पदों को मंजूरी दी गई।
मानदेय वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा:
मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने का निर्णय लिया। विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए इनकी नियुक्ति हेतु वार्षिक आय सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। वन मित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया गया, जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों का मानदेय 500 रुपये बढ़ाया गया है (जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा)। शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन 1 अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दी गई है।
किसान, पशुपालक और मछुआरा कल्याण योजनाएं:
दुग्ध उत्पादकों को राहत देते हुए दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। सरकारी विभागों को अपनी दूध की आपूर्ति मिल्कफेड से ही लेने के निर्देश दिए गए हैं। सोलन जिले में जलवायु अनुकूल वर्षा आधारित कृषि (एकीकृत विकास परियोजना) के विस्तार हेतु 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई। मछुआरों के लिए ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत जलाशयों की मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 100 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है और नीलामी में कम कीमत मिलने पर 20 रुपये प्रति किग्रा तक सब्सिडी दी जाएगी। प्राकृतिक आपदाओं से ट्राउट मछली पालकों के बचाव के लिए 1 करोड़ रुपये की ‘ट्राउट जोखिम निधि योजना’ लागू होगी।
आपदा राहत, खेल और बुनियादी ढांचा विकास:
कांगड़ा की बोह घाटी के आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की गई, जिसमें पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों पर 7.50 लाख रुपये, घरेलू सामान के लिए 1 लाख रुपये, 5,000 रुपये किराया और 6 महीने का मुफ्त राशन शामिल है। मवेशी, मत्स्य और फसल नुकसान पर भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए आपात स्थिति में सहायता राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये तथा मृत्यु पर 1 लाख रुपये की सहायता मंजूर की गई। अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कारों का समान या आनुपातिक वितरण सुनिश्चित करने हेतु नियमों में संशोधन किया गया और जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के पद सृजित करने की मंजूरी दी गई।
इसके अतिरिक्त, कांगड़ा और मंडी में एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष न्यायालय, चंबा मेडिकल कॉलेज में 60 सीटों वाला नर्सिंग कॉलेज, चमियाना में 2 नए सुपर स्पेशिएलिटी विभाग, बद्दी में आईएसबीटी, हमीरपुर में सिटी सेंटर व 8 मंजिला पार्किंग, देहरा में आरटीओ कार्यालय के पद तथा छोटा शिमला चौक का पुनर्विकास व अंडरपास निर्माण को मंजूरी दी गई। तकनीकी शिक्षा विभाग का नाम बदलकर ‘तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग’ किया गया है। सुजानपुर के होली मेले को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा देने, गवाह संरक्षण योजना, पोषण नीति-2026, एम्बुलेंस सड़कों के मानक दिशानिर्देश, और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक उप-समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया।
Content Writer-Chanchala
