सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश के आईजीएमसी (IGMC) अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक असिस्टेड सर्जरी के जरिए बड़ी आंत के कैंसर का बेहद जटिल और सफल ऑपरेशन किया गया है, वो भी बेहद मामूली खर्च पर।सस्ते इलाज से मरीजों को मिली बड़ी राहत:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल के सर्जनों ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने बड़ी आंत के कैंसर से पीड़ित एक मरीज की अत्यंत जटिल सर्जरी को रोबोटिक तकनीक (Robotic Assisted Surgery) के जरिए सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। 20 मई को हुए इस सफल ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। पूरे हिमाचल प्रदेश में बड़ी आंत के कैंसर के इलाज के लिए इस आधुनिक तकनीक का यह पहला और ऐतिहासिक प्रयोग है।
लाखों का इलाज अब हजारों में:यह कामयाबी इसलिए भी बड़ी है क्योंकि निजी और कॉर्पोरेट अस्पतालों में जिस जटिल कैंसर सर्जरी का खर्च 5.5 से 6 लाख रुपए तक आता है, वही विश्वस्तरीय सुविधा आईजीएमसी में मुख्यमंत्री द्वारा तय दरों पर बेहद कम कीमत में मिल रही है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जनरल वार्ड के मरीजों के लिए यह सुविधा मात्र 30,000 रुपए और स्पेशल वार्ड के मरीजों के लिए केवल 50,000 रुपए में उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिली.
रोबोटिक तकनीक के चमत्कारी फायदे:पारंपरिक ऑपरेशनों की तुलना में यह अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस तकनीक से ऑपरेशन होने पर मरीज को न के बराबर दर्द होता है और शरीर पर बड़े चीरे नहीं लगाने पड़ते। जहां गाल ब्लैडर या हर्निया जैसी छोटी सर्जरी के मरीजों को उसी रात या अगले दिन छुट्टी मिल जाती है, वहीं कैंसर जैसी बड़ी और पेचीदा सर्जरी के बाद भी मरीज मात्र 2 से 3 दिनों के भीतर पूरी तरह चलने-फिरने लायक होकर अपने घर लौट रहे हैं।
सफलता की राह पर बढ़ता आईजीएमसी:अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल राव ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसी साल 11 मार्च को इस रोबोटिक तकनीक का उद्घाटन किया था। तब से लेकर अब तक अस्पताल में इस तकनीक से कुल 44 सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जिनमें से 38 सर्जरी विभाग द्वारा और 6 गायनी (महिला रोग) विभाग द्वारा किए गए हैं। इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने वाली टीम में एमएस डॉ. राहुल राव, सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत महाजन, डॉ. रशपाल, डॉ. सुभाष और डॉ. प्रवीण भाटिया जैसे विशेषज्ञ शामिल रहे, जिन्होंने हिमाचल के चिकित्सा क्षेत्र को एक नई ऊंचाई दी है।
Content Writer- Vijay
