शिमला: हिमाचल प्रदेश के रामपुर (किन्नौर स्थित) अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने रिश्तों को कलंकित करने वाले एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी ललित कुमार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने न्याय के मानवीय पक्ष को ध्यान में रखते हुए पीड़िता को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश जारी किए हैं।
यह हृदयविदारक घटना फरवरी 2023 की है, जब आरोपी ललित कुमार—जो रिश्ते में पीड़िता की मां का भतीजा और पड़ोसी था—ने रात के अंधेरे में अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बहन (रिश्ते में) के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। लोक-लाज और डर के साये में दबी पीड़िता महीनों तक इस दर्द को सहती रही, लेकिन 6 महीने बाद जब पेट में तेज दर्द उठा और उसे शिमला के आईजीएमसी (KNH) अस्पताल ले जाया गया, तो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ने सबके होश उड़ा दिए।
रिपोर्ट में नाबालिग के 6 माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल की ओर से सशक्त पैरवी और 19 गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। यह फैसला न केवल पीड़िता के लिए न्याय की जीत है, बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश भी है।
Content Writer- Vijay
