सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी के नए नियम लागू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की बजट घोषणा को अमली जामा पहनाते हुए ऊर्जा विभाग ने अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत प्रदेश के 1 लाख अति निर्धन परिवारों को अब हर महीने 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर शून्य बिल आएगा। इन परिवारों की सूची संबंधित विभाग द्वारा बिजली बोर्ड को मुहैया करवाई जाएगी ताकि उन्हें इस विशेष राहत का लाभ मिल सके।
राशन कार्ड लिंकिंग और मीटर की सीमा:सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने अब इसे राशन कार्ड से जोड़ दिया है। नए नियमों के मुताबिक, एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो बिजली मीटरों पर ही सब्सिडी (125 यूनिट मुफ्त या उससे अधिक पर मिलने वाली छूट) मान्य होगी। यदि किसी उपभोक्ता के पास दो से अधिक मीटर हैं, तो बिजली बोर्ड का सिस्टम रैंडम तरीके से किन्हीं दो मीटरों का चयन करेगा। हालांकि, उपभोक्ताओं के पास यह विकल्प रहेगा कि वे बिजली बोर्ड के पोर्टल या नजदीकी कार्यालय जाकर अपनी पसंद के दो मीटर चुन सकें। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए कंज्यूमर आईडी को राशन कार्ड से लिंक करना अनिवार्य है; ऐसा न करने पर सब्सिडी बंद कर दी जाएगी।
किसानों को बड़ी राहत:कृषि क्षेत्र के लिए भी सरकार ने उदार नीति अपनाई है। किसानों के लिए बिजली की वास्तविक दर ₹5.03 प्रति यूनिट है, लेकिन सरकार द्वारा ₹4.73 की भारी सब्सिडी दिए जाने के बाद अब किसानों को मात्र 30 पैसे प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा। हालांकि, ₹105 का मासिक फिक्स्ड चार्ज यथावत लागू रहेगा। इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती से जुड़े परिवारों को बड़ी आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
By Vijay Singh Thakur
