चंबा के चुराह से विधायक डॉ. हंसराज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। नाबालिग से यौन शोषण के आरोपों (POCSO Case) में अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं, जिसके साथ ही अब इस मामले का औपचारिक ट्रायल शुरू हो चुका है।
चंबा की एक युवती द्वारा विधायक डॉ. हंसराज पर नाबालिग रहते हुए यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया गया था। इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर 21 जनवरी, 2026 को अदालत में चालान पेश किया था। गुरुवार को हुई अदालती कार्यवाही के दौरान विधायक स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुए, जहाँ उनके खिलाफ कानूनी तौर पर आरोप (Charges) तय किए गए। अब इस केस की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 30 मार्च को तय की गई है, जिसमें विधायक और पीड़िता दोनों को मौजूद रहना होगा। उस दिन न्यायाधीश के सामने पीड़िता के बयान दर्ज किए जाएंगे और सरकारी वकील गवाहों को पेश करेंगे, जिनसे विधायक के वकील जिरह (Cross-examination) करेंगे।
इस मामले का घटनाक्रम काफी लंबा रहा है। FIR दर्ज होने के बाद डॉ. हंसराज ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नवंबर 2025 में अग्रिम जमानत ली थी, जिसे बाद में कोर्ट ने नियमित जमानत में बदल दिया था। पुलिस इस केस में विधायक से चार बार पूछताछ कर चुकी है और उनकी पत्नी के बयान भी लिए जा चुके हैं। मामला तब और पेचीदा हो गया था जब पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बयान बदलने के लिए धमकाया जा रहा है। इस शिकायत के आधार पर विधायक के निजी सचिव और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में पूरे प्रदेश की नजरें इस हाई-प्रोफाइल अदालती ट्रायल पर टिकी हुई हैं।
By Dhruv Sharma
