हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य के परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस बैठक का मुख्य केंद्र ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ रही, जिसमें मुख्यमंत्री ने पहाड़ी राज्यों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए नियमों में ढील देने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में यह योजना केवल शिमला जैसे अधिक आबादी वाले शहरों तक सीमित है, जबकि हिमाचल के अन्य उभरते आर्थिक केंद्र जैसे धर्मशाला, मंडी और सोलन इसके लाभ से वंचित हैं।मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए 1500 डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पहाड़ी रास्तों की चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने आग्रह किया कि परिचालन सहायता (Operational Assistance) को 22 रुपये से बढ़ाकर 52 रुपये प्रति किलोमीटर किया जाए और दैनिक माइलेज की सीमा को घटाकर 150 किलोमीटर किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुंदरनगर में एचपीपीसीएल (HPPCL) के एकीकृत कार्यालय के निर्माण के लिए बीबीएमबी (BBMB) से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में केंद्र के सहयोग की भी अपील की। केंद्रीय मंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्य को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
By Dhruv Sharma
