हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला की विशेष अदालत ने नशे के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए चरस तस्करी के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा की अदालत ने बिलासपुर निवासी दीप कुमार को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने दोषी पर 1 लाख रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।यह पूरा मामला फरवरी 2022 का है, जब बंजार पुलिस की एक टीम लारजी-बंजार मार्ग पर गश्त कर रही थी। फागुपुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक फोर्ड फिगो कार को तलाशी के लिए रोका था। कार की अगली सीट पर रखे बैग से पुलिस को 1 किलो 23 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से पेश किया और आरोपी का दोष सिद्ध करने के लिए 12 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम के अनुसार, पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दीप कुमार को दोषी पाया और यह सख्त सजा सुनाई। नशे के सौदागरों पर नकेल कसने की दिशा में इस फैसले को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
By Dhruv Sharma
