IGMC शिमला के रेज़िडेंट डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त कर दिया है। यह निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए 28 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री के साथ हुई चर्चा के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री ने रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) को भरोसा दिलाया है कि डॉ. राघव नरूला के मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उनकी सेवा समाप्ति के आदेशों को वापस लिया जाएगा।
हड़ताल खत्म होने के बावजूद RDA इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है। संगठन का कहना है कि वे तब तक सतर्क रहेंगे जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और डॉ. नरूला की बहाली के औपचारिक आदेश जारी नहीं हो जाते। इस संबंध में अगली रणनीति तय करने के लिए 3 जनवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक भी बुलाई गई है। इसके साथ ही, IGMC शिमला के डॉक्टरों ने इस कठिन समय में साथ देने वाले देश और प्रदेश के सभी चिकित्सा संगठनों का उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद किया है।
By Dhruv Sharma
