हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की भयंकर बारिश ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। 26 अगस्त 2025 को हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य भर में भारी तबाही मचाई, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कें, पुल और इमारतें बह गईं, जबकि कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।
कुल्लू और मनाली में सबसे ज़्यादा नुकसान
राज्य के कुल्लू और मनाली ज़िले इस बारिश से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। ब्यास नदी उफान पर है और इसका विकराल रूप देखकर लोग दहशत में हैं। मनाली के बहंग क्षेत्र में ब्यास नदी की बाढ़ ने कई रेस्टोरेंट, दुकानें और एक मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। मनाली-लेह हाईवे सहित कई प्रमुख सड़कें कई जगहों पर टूट गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करके फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन लगातार बारिश से बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है।
सड़कों और बिजली व्यवस्था पर असर
बारिश और भूस्खलन के कारण पूरे राज्य में सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे आवाजाही ठप हो गई है। कुल्लू में अकेले 130 से ज़्यादा सड़कें बंद हैं, जबकि मंडी और अन्य जिलों में भी स्थिति गंभीर है। इसके अलावा, हजारों बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
रेड अलर्ट और मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने लोगों से गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन प्रकृति के इस कहर के आगे उनकी चुनौतियाँ बड़ी हैं।
नुकसान का शुरुआती अनुमान
इस भारी बारिश से अब तक ₹3,000 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान होने का शुरुआती अनुमान है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है, लेकिन जिस तरह से नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने में लंबा समय लगेगा।
यह पोस्ट हिमाचल प्रदेश में आई इस आपदा की गंभीरता को दर्शाता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम प्रकृति की चेतावनी को समझें और सुरक्षित रहें।
हिमाचल प्रदेश में 26 अगस्त को भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से तबाही मची है। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से कुल्लू, मनाली और मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। मनाली में कई दुकानें और एक होटल बह गया, जबकि चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राजमार्ग कई जगहों पर बंद हो गए हैं। पूरे राज्य में 795 से ज़्यादा सड़कें बंद हैं और 156 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
By Neeraj Verma
