हिमाचल प्रदेश में 25 अगस्त 2025 को लगातार बारिश के बीच प्रदेशभर में कई जगहों पर बड़े भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज की गईं। कुल्लू–मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) जालोगी के पास दिन में बहाल होने के बाद दोबारा भूस्खलन से बंद हो गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
चंबा–भरमौर मार्ग पर भी जगह-जगह भूस्खलन हुआ और मनिमहेश यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। धर्मशाला में एचआरटीसी वर्कशॉप के पास छड़ी रोड पर भूस्खलन से एक बहुमंज़िला इमारत ढह गई और मलबे से सड़क अवरुद्ध हो गई।
ऊना ज़िले में भूस्खलन से एक प्राथमिक स्कूल भवन को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद 28 अगस्त तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए। कुल्लू ज़िले की पार्वती घाटी में कई सड़कों पर भूस्खलन और धंसने की घटनाएँ हुईं, सरवरी, फोज़ल और बागी नाले उफान पर रहे। शाम को कोलडैम के फाटक खोले जाने से भी क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया।
प्रदेश में सुबह से सैकड़ों सड़कें बंद रहीं और शाम तक यह संख्या बढ़कर 800 के करीब पहुँच गई। सबसे अधिक नुकसान मंडी, कुल्लू और चंबा ज़िलों में हुआ, जहाँ कई ट्रांसफॉर्मर और पेयजल योजनाएँ भी प्रभावित हुईं। मंडी–कुल्लू एनएच पर जाम में फंसे यात्रियों को सेवादार समूहों ने भोजन और पानी उपलब्ध करवाया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अलर्ट के बाद चंबा, कांगड़ा, ऊना और कुल्लू समेत कई जिलों में शिक्षा संस्थान बंद रखे गए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील ढलानों और नालों के पास अनावश्यक यात्रा न करें और ट्रैफिक व सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
By Neeraj Verma
