सच हिमाचल ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ (न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा) ने ‘प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024’ को पूरी तरह असंवैधानिक घोषित कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा बनाया गया यह कानून कानूनी कसौटी पर खरा नहीं उतरता और इसके माध्यम से कर्मचारियों को पहले से मिले न्यायिक लाभों को मनमाने ढंग से छीना नहीं जा सकता। इसी के साथ, कोर्ट ने इस अधिनियम के आधार पर कर्मचारियों के लाभ रोकने या रिकवरी करने के सभी सरकारी आदेशों को भी रद्द कर दिया है।
पेंशन और वेतन निर्धारण पर स्पष्टता: अदालत ने निर्देश दिया है कि जो कर्मचारी अनुबंध नीति के तहत नियुक्त हुए थे और बिना किसी ब्रेक के नियमित हुए हैं, उनकी अनुबंध अवधि को पेंशन और रिटायरमेंट लाभों के लिए ‘पात्र सेवा’ (Qualifying Service) माना जाएगा। अनुबंध के दौरान की वार्षिक वेतन वृद्धियों (Increments) को काल्पनिक (Notional) आधार पर जोड़ा जाएगा, ताकि रिटायरमेंट के समय उनकी पेंशन और अंतिम वेतन का सही निर्धारण हो सके। हालांकि, कर्मचारियों को अनुबंध अवधि के पिछले एरियर (बकाया राशि) का भुगतान नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठता और वित्तीय लाभ के नियम: फैसले के अनुसार, जिन कर्मचारियों की नियुक्ति R&P नियमों के तहत खुली प्रतियोगिता या बैचवाइज आधार पर हुई थी, उन्हें नियमित होने पर वरिष्ठता (Seniority) और वित्तीय लाभ उनकी पहली नियुक्ति की तिथि से ही मिलेंगे। लेकिन, जहाँ नियुक्ति प्रक्रिया नियमित भर्ती के समान नहीं थी, वहां अनुबंध सेवा को वरिष्ठता के लिए तो नहीं गिना जाएगा, परंतु पेंशन के लिए इसका लाभ जरूर मिलेगा। वित्तीय लाभों के दावे को आवेदन की तिथि से 3 वर्ष पहले तक सीमित रखा जा सकता है, बशर्ते अदालत ने किसी मामले में पहले ही पूर्ण लाभ का आदेश न दिया हो।
तीन महीने के भीतर लागू करने का आदेश: अदालत ने सरकार और सक्षम अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस फैसले के अनुरूप तीन महीने के भीतर सभी पात्र कर्मचारियों को लाभ प्रदान करने के आदेश जारी किए जाएं। कोर्ट ने ‘देविंद्र कुमार’ मामले के पुराने फैसले का हवाला देते हुए साफ कर दिया कि विधायी शक्तियों का प्रयोग न्यायिक निर्णयों को निष्प्रभावी करने के लिए नहीं किया जा सकता। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए संजीवनी के समान है जिनकी वर्षों की सेवा को नया कानून नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा था।
Content Writer- Vijay
