हिमाचल प्रदेश की शादियों में अब एक नया और अनुशासित ‘सरकारी टच’ देखने को मिलेगा। राज्य पुलिस के प्रतिष्ठित ब्रास बैंड ‘जुन्गा’ और ‘सकोह’, जो अब तक केवल सरकारी कार्यक्रमों और पुलिस मुख्यालयों की शोभा बढ़ाते थे, अब आम जनता के विवाह समारोहों में भी अपनी सुरीली तान बिखेरने के लिए तैयार हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन समारोहों में पुलिस के हाथों में लाठी नहीं, बल्कि ट्रॉम्बोन, ड्रम और ट्रम्पेट जैसे वाद्ययंत्र होंगे, जो अनुशासन और मनोरंजन का एक अनूठा संगम पेश करेंगे।
परंपरा और आधुनिकता का शानदार मिश्रणवर्ष 1952 से अपने गौरवशाली इतिहास को संजोए ये दोनों बैंड यूनिट्स अब ‘प्रीमियम वेडिंग बैंड’ के रूप में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। इंचार्ज विलेंद्र सिंह के अनुसार, दशकों तक वीआईपी और पुलिस अफसरों का मनोरंजन करने वाले ये जवान अब फिल्मी गानों से लेकर पारंपरिक हिमाचली लोक धुनों तक, हर धुन पर बारातियों को झूमने पर मजबूर कर देंगे। पुलिस की मौजूदगी में होने वाली ये बारातें न केवल संगीत के लिए याद रखी जाएंगी, बल्कि अपने अनूठे अनुशासन के लिए भी चर्चा का विषय बनी रहेंगी।
कैसे बुक करें अपना ‘पुलिस बैंड’?
यदि आप भी अपनी शादी को यादगार बनाना चाहते हैं, तो इस सेवा का लाभ लेना बेहद आसान और पारदर्शी है:संपर्क सूत्र: ब्रास बैंड, जुंगा (8219239603) या ब्रास बैंड, सकोह (8894615700) पर कॉल कर बुकिंग की जा सकती है।शुल्क: एक दिन के समारोह के लिए ₹25,000 का शुल्क निर्धारित किया गया है।
पारदर्शिता: इस सेवा से होने वाली पूरी कमाई सरकारी खजाने में जमा की जाती है, जिससे यह अनुभव पूरी तरह आधिकारिक और भरोसेमंद है।
By Dhruv Sharma
