हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस शुक्रवार शाम एक अनोखे और सुखद अहसास की गवाह बनी। कुंहट-हरिपुरधार-नाहन रूट पर चलने वाली इस बस में उस समय अफरा-तफरी और फिर खुशी का माहौल बन गया, जब अस्पताल जा रही एक गर्भवती महिला ने रास्ते में ही एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया। यह संभवतः HRTC के इतिहास का ऐसा पहला मामला माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सरोज नाम की महिला अपने परिवार के साथ प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन जा रही थी, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
सफर के दौरान अचानक शुरू हुआ लेबर पेन:
शाम करीब सात बजे जब बस ददाहू से नाहन की ओर बढ़ रही थी, तभी जमटा के पास महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस में सवार पुरुष यात्री संवेदनशीलता दिखाते हुए आगे की सीटों पर चले गए, जबकि महिला यात्रियों ने मोर्चा संभालते हुए प्रसव में मदद की। अस्पताल पहुँचने से पहले ही, रात करीब सवा आठ बजे बस की पिछली सीट पर ही किलकारी गूंज उठी। हालांकि महिला की डिलीवरी डेट 27 मार्च तय थी, लेकिन समय से पहले आए इस ‘सरप्राइज’ ने सबको हैरान कर दिया।
जोखिम भरा था वक्त, पर सूझबूझ ने बचाई जान:
चलती बस में डिलीवरी होना जच्चा और बच्चा दोनों के लिए चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद जोखिम भरा था। बिना उपकरणों और सुविधाओं के यह जानलेवा हो सकता था, लेकिन चालक की मुस्तैदी और 108 एंबुलेंस सेवा के समय पर पहुँचने से स्थिति संभल गई। बनोग के पास एंबुलेंस ने बस को इंटरसेप्ट किया और तुरंत मां-बेटी को मेडिकल कॉलेज नाहन पहुँचाया। गाइनोकॉलजी विभाग के एचओडी डॉ. अमोद सिंह ने पुष्टि की है कि वर्तमान में मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
खास बात: यह महिला का दूसरा बच्चा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बस में मौजूद महिलाओं के सहयोग और स्वास्थ्य सेवा की तत्परता ने एक अनहोनी को खुशियों में बदल दिया।
By Dhruv Sharma
