हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड और प्रदेश सरकार की ओर से मिल रहे संकेतों के अनुसार, अप्रैल 2026 से राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें 5 से 7 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती होने की उम्मीद है। यह कदम मुख्य रूप से राज्य के अपने ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सौर ऊर्जा के बढ़ते योगदान के कारण संभव हो पा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका सीधा लाभ प्रदेश के लाखों मध्यम और निम्न-वर्गीय परिवारों को मिलेगा, जिनका मासिक बिजली बिल कम होगा।
यह निर्णय हिमाचल प्रदेश को “हरित ऊर्जा राज्य” बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का भी एक हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सस्ती बिजली न केवल आम जनता की जेब पर बोझ कम करेगी, बल्कि राज्य में ऊर्जा की खपत के पैटर्न को भी अधिक कुशल बनाएगी। वर्तमान में विद्युत नियामक आयोग (Electricity Regulatory Commission) इन दरों और खर्चों का ऑडिट कर रहा है, जिसके बाद मार्च के अंत तक आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
By Dhruv Sharma
