नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस घर से अभी दादी की अर्थी उठी थी, वहां अब 10 वर्षीय पोते का शव देखकर पूरा पालमपुर सन्न है। पालमपुर के वार्ड-2 निवासी कपिल अरोड़ा अपनी माता के निधन के बाद उनकी अस्थियों को विसर्जित करने के लिए सपरिवार हरिद्वार जा रहे थे। शोक में डूबा परिवार निजी वाहन में सवार होकर यमुनानगर के पास पहुंचा ही था कि पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी।यह टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी का दरवाजा अचानक खुल गया और अगली सीट पर बैठा मासूम बालक सड़क पर जा गिरा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वह उसी ट्रक की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। पिता की आंखों के सामने उनके जिगर का टुकड़ा हमेशा के लिए खामोश हो गया।बताया जा रहा है कि बालक अपनी दादी से बेहद प्यार करता था और उनकी मृत्यु के बाद से ही काफी उदास था। अंतिम विदाई के इस सफर में मासूम का यूं चले जाना हर किसी को झकझोर गया है। पालमपुर में जब मासूम का अंतिम संस्कार हुआ, तो वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम थीं। यह हादसा चीख-चीख कर कह रहा है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही कैसे हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का जख्म दे सकती है।
By Dhruv Sharma
